Nishkriy Suvichar पर चुनिंदा व बेहतरीन शायरी सुविचार स्टेट्स कविता गीत कहानियां

पैसा उस छठी इन्द्री के समान है – Pesa, Indri, Abhav, Nishkriy...

पैसा उस छठी इन्द्री के समान हैजिसके अभाव मेंबाकी पाँच भी निष्क्रिय हो जाती हैं। विलियम समरसेट मघम