जरूरत ही नहीं उस जीत की – Jeet, Jarurat, Sath, Haar Par Shayari

जरूरत ही नहीं उस जीत की
जिसमे तुम न हो,
तुम्हारे साथ की खातिर
चलो हम हार जाते हैं.

यह भी पढ़ें

तू साथ है तो फिर – Sath, Gam, Ruthna, Saja Par Shayari

तू साथ है तो फिरकोई गम नहीं,पर तेरा रूठना...

स्त्री कभी हारती नहीं है – Stri, Haar, Samaj, Bachpan, Dar Par Shayari

स्त्री कभी हारती नहीं हैउसे हराया जाता है,समाज क्या...

पुरुष जब हारने लगता है तो – Purush, Haar, Hamla, Charitra Par Shayari

पुरुष जबहारने लगता है तो,पहला हमलाउसके चरित्र पर करता...

टॉप ट्रेंडिंग

जिंदगी के इस रण में खुद ही कृष्ण और...

आओ लें समाजिक एकता का संकल्प, समाज की तरक्की...

वो मर्द बनोजिसे औरत चाहे,वो नहींजिसे औरत चाहिए.