मर्द हो, तुम्हारी हस्ती का – Mard, Hasti, Khauf, Aurat, Bekhauf Par Shayari

मर्द हो, तुम्हारी हस्ती का
इतना तो खौफ हो,
जब बगल से निकले कोई औरत
तो वो बैखोफ हो.

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