मैं नासमझ ही सही – Nasamajh, Tara, Khwahish, Tut Jau Love Shayari for GF/Wife

मैं नासमझ ही सही
मगर वो तारा हूं, जो
तेरी एक ख्वाहिश के लिए
सौ बार टूट जाऊं

यह भी पढ़ें

आजमाता है ज़माना – Ajmana, Jamana, Kasauti, Tutna Shayari

आजमाता है ज़माना मुझे अपनी ही कसौटी पर टूटे हैं कितना सकी...

न चादर बड़ी कीजिये – Hindi Motivational Lines on Life

न चादर बड़ी कीजिये,न ख्वाहिशें दफन कीजिये,चार दिन की...

ख्वाहिशों का मोहल्ला – Khwahish, Mohalla, Jarurat, Gali Par Shayari

ख्वाहिशों का मोहल्लाबहुत बड़ा होता है,बेहतर है हम, ज़रूरतों...

टॉप ट्रेंडिंग

सिया रघुवर जी के संग परन लगी हरे हरेपरन...

जिम्मेदारियों का बोझ परिवार पे पड़ा तो ,ऑटो ,...

परदेसी से दिल ना लगानावो बड़े मजबूर होते हैं,वो...