निगाहों से क़त्ल कर डालो – Nigah, Katl, Taklif, Khanjar, Gardan Par Shayari

निगाहों से क़त्ल कर डालो
न हो तकलीफ दोनों को
तुम्हें खंजर उठाने की
हमें गर्दन झुकाने की

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